ज्ञानचंद गुप्ता की प्रेस कॉन्फ्रेंस बन गई विवाद का कारण ?
बोले विकास अभूतपूर्व , पर पार्षद 15 ही जीतेंगे ?
विधानसभा चुनाव की हार की टीस झलकी पत्रकार वार्ता में !
लोग कहते हैं पिछली बार हमसे गलती हो गई थी : गुप्ता
शनिवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा स्पीकर और पंचकूला से पूर्व विधायक ज्ञानचंद गुप्ता ने एक पत्रकार वार्ता की थी । इस पत्रकार वार्ता में उन्होंने पंचकूला के विकास को लेकर बताया कि पिछले 11 सालों में जितना विकास पंचकूला का हुआ है इतना विकास पहले कभी नहीं हुआ । पत्रकार वार्ता के बाद पत्रकारों ने उनसे पंचकूला में आने वाले नगर निगम चुनाव को लेकर कुछ सवाल पूछे । उन्हीं सवालों का जवाब देते हुए एक ऐसा सवाल जिस पर अब सवाल खड़े हो गए हैं ।
क्या बोला ज्ञानचंद गुप्ता ने जिस पर सोशल मीडिया पर हो गया हंगामा
पत्रकार वार्ता में ज्ञानचंद गुप्ता ने पंचकूला विधानसभा के एक क्षेत्र खड़क मंगोली के विकास को लेकर जिक्र किया था। उन्होंने बताया था कि खड़क मंगोली में एक बूस्टर लगाया गया है जिसे लगाने का खर्चा ही 80 लाख रुपए आया है । जबकि इसी बूस्टर को लेकर इस वार्ड से पार्षद सोनू बिरला के पति सुदेश बिड़ला ने इस बूस्टर का खर्च 1 करोड़ 29 लाख रुपए बताया । जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है । वायरल हो रहे वीडियो को लेकर पंचकूला कांग्रेस के उपाध्यक्ष अजय गौतम ने सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिरकार विधायक और पार्षद पति के बयानों में बड़ा ही अंतर है और उन्होंने पूछा कि यह 49 लाख रुपए का किसकी जेब में गए हैं ।
खड़क मंगोली एक बूस्टर पंप के दो खर्च 49 लाख किसकी जेब में, जांच कराएं :अजय गौतम
सेक्टर एक के गांव सड़क मंगोली में साफ पानी के लिए लगाए गए बूस्टर पंप की लागत को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस योजना के खर्च को लेकर सामने आए दो अलग-अलग आंकड़े जनता को भ्रमित करने वाले हैं।
जिला कांग्रेस कमेटी के डिस्ट्रिक्ट वाइस प्रेसिडेंट अजय गौतम ने कहा कि एक ओर मौजूदा पार्षद के पति इस बूस्टर पंप का खर्च 1 करोड़ 29 लाख रुपये बता रहे हैं, जबकि दूसरी ओर इसी विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक व पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता द्वारा इस कार्य की लागत 80 लाख रुपये बताई गई है।

अजय गौतम ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब कार्य एक है, स्थान एक है और योजना भी एक ही है, तो फिर खर्च में 49 लाख रुपये का अंतर कैसे हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह अंतर सीधे-सीधे जनता के टैक्स के पैसे से जुड़ा हुआ है और इसका जवाब देना जरूरी है।
कांग्रेस नेता ने मांग की कि इस बूस्टर पंप योजना से संबंधित सभी टेंडर दस्तावेज, भुगतान बिल, तकनीकी स्वीकृति और खर्च का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके। उन्होंने कहा कि यदि खर्च 80 लाख है, तो शेष राशि कहां गई और यदि 1.29 करोड़ सही है, तो जनता को अलग-अलग आंकड़े क्यों बताए जा रहे हैं।
अजय गौतम ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी भ्रष्टाचार के किसी भी मामले को बर्दाश्त नहीं करेगी और जरूरत पड़ी तो इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर आंदोलन भी किया जाएगा।
अभयपुर कम्युनिटी सेंटर मामले को लेकर भी बोले ज्ञानचंद गुप्ता; मामले को अधिकारी संज्ञान ले
पंचकूला नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 9 में बन रहे नवनिर्मित कम्युनिटी सेंटर के मामले को लेकर भी पत्रकारों ने सवाल पूछा । पत्रकार रामकुमार ने उनको बताया कि नवनिर्मित कम्युनिटी सेंटर की नींव में ठेकेदार ने गड़बड़ी की है जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है । पत्रकार ने बताया कि नींव में कूड़ा भर दिया गया है । इस पर गुप्ता ने कहा कि अधिकारियों को ध्यान देने की जरूरत है । अगर ठेकेदार ने गड़बड़ी की है तो कार्रवाई की जानी चाहिए और अगर किसी अधिकारी की गलती है तो अधिकारी पर भी सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.
11 साल में विकास अभूतपूर्व, पर पार्षदों की जीत का दावा 15 का ?
अभी तक नगर निगम चुनाव की कोई घोषणा नहीं हुई है यह सिर्फ कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले 2 से 3 महीने में नगर निगम के चुनाव हो सकते हैं । पंचकूला नगर निगम में 20 वार्ड है और ज्ञानचंद गुप्ता ने अभी से ही 15 पार्षदों के जीतने की घोषणा कर दी है । और यह तब है जब उनका कहना है कि पिछले 11 साल में अभूतपूर्व विकास कार्य हुए हैं । क्या इसका मतलब यह माना जाए कि वह मानते हैं भले विकास कार्य अभूतपूर्व हुए हो पर कुछ ना कुछ कमी रह गई होगी तभी पांच पार्षद कम जीतकर आएंगे ।
विधानसभा चुनाव हार का दर्द अब तक बरकरार
इसी पत्रकार वार्ता में पिछला विधानसभा चुनाव हारने का दर्द भी उनके चेहरे पर साफ-साफ नजर आया । जब उन्होंने यह कह दिया कि मुझे जब पंचकूला के लोग मिलते हैं तो कहते हैं कि हमसे पिछली बार गलती हो गई । मतलब वह यह कहना चाहते हैं कि अगर मैं जीत जाता तो विकास की गाड़ी पूरी रफ्तार से चल रही होती । अगर इसको दूसरे अर्थों में देखा जाए तो इसका दूसरा अर्थ यह भी निकलता है कि विपक्ष का विधायक जीता है इसलिए विकास की गाड़ी की स्पीड पर सरकार ने ब्रेक लगा रखा है ।
कुल मिलाकर अगर देखा जाए तो नगर निगम चुनाव की अभी घोषणा नहीं हुई है पर भारतीय जनता पार्टी हो या विपक्ष की कोई भी पार्टी सभी अपनी तैयारी में लगे हुए हैं । सभी का अपना-अपना जीत को लेकर दवा सामने आने लगा है जैसे भाजपा के वरिष्ठ नेता ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि हमारे 15 पार्षद जीतेंगे तो उसी तरीके से विपक्ष की किसी भी पार्टी से अगर सवाल पूछा जाएगा तो वह भी सदन में अपने बहुमत की ही बात ही करेंगे ।




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