विमान हादसों में देश ने खोए कई बड़े नेता: सूची में दर्ज हैं कई यादगार चेहरे
देश की राजनीति में विमान और हेलीकॉप्टर हादसे अक्सर बड़े सदमे लेकर आते रहे हैं। इन हादसों में न सिर्फ यात्रियों की जानें गईं, बल्कि कई ऐसे नेता भी खो गए जिन्होंने अपने क्षेत्र और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। नीचे उन प्रमुख नेताओं की सूची दी गई है, जिनकी मौत विमान या हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई।
1. संजय गांधी: युवा नेतृत्व का अचानक अंत
कांग्रेस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे बेटे संजय गांधी की मौत 23 जून 1980 को दिल्ली के सफदरजंग एयरपोर्ट के पास हुई विमान दुर्घटना में हुई थी। वे स्वयं विमान उड़ा रहे थे और एरोबैटिक्स के दौरान नियंत्रण खो बैठे थे। मात्र 33 वर्ष की आयु में उनकी मृत्यु से देश भर में शोक की लहर दौड़ गई थी। संजय गांधी को युवा कांग्रेस और पार्टी के भविष्य के नेता के रूप में देखा जा रहा था।
2. माधवराव सिंधिया: कांग्रेस के मजबूत स्तंभ का क्षति
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और ग्वालियर राजघराने के उत्तराधिकारी माधवराव सिंधिया की मौत 30 सितंबर 2001 को उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में एक निजी सेसना विमान के क्रैश में हुई। वे कानपुर में एक राजनीतिक रैली के लिए जा रहे थे। सिंधिया लोकसभा में कई बार चुने गए और कभी चुनाव नहीं हारे थे। उनकी मृत्यु ने कांग्रेस को बड़ा झटका दिया था।
3. जीएमसी बालयोगी: लोकसभा स्पीकर की दर्दनाक मौत
लोकसभा के स्पीकर और तेलुगु देशम पार्टी के प्रमुख नेता जीएमसी बालयोगी की 3 मार्च 2002 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई। वे आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले के भीमावरम से लौट रहे थे, जब उनका हेलीकॉप्टर कृष्णा जिले के कैकालूर के पास एक तालाब में गिर गया।
4. साइप्रियन संगमा: मेघालय के मंत्री की जान गई हेलीकॉप्टर हादसे में
मेघालय के ग्रामीण विकास मंत्री साइप्रियन संगमा सहित 10 लोग 22 सितंबर 2004 को पवन हंस हेलीकॉप्टर से गुवाहाटी से शिलांग जा रहे थे। बारापानी झील के पास यह हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया, जिसमें मंत्री और सभी यात्रियों की मौत हो गई।
5. ओ. पी. जिंदल और सुरेंद्र सिंह: हरियाणा के दो नेताओं की एक ही दुर्घटना में मृत्यु
प्रमुख उद्योगपति और हरियाणा के तत्कालीन बिजली मंत्री ओम प्रकाश जिंदल तथा कृषि मंत्री सुरेंद्र सिंह की 31 मार्च 2005 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हुई। दिल्ली से चंडीगढ़ जा रहे उनके हेलीकॉप्टर का उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में क्रैश हो गया, जिसमें कई लोगों की जान चली गई।
6. वाई.एस. राजशेखर रेड्डी: लोकप्रिय मुख्यमंत्री का दुखद अंत
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी की मौत 2 सितंबर 2009 को चित्तूर जिले में बेल 430 हेलीकॉप्टर के क्रैश में हुई। खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर जंगल में गिर गया और उनका शव 27 घंटे बाद मिला। रेड्डी किसानों और गरीबों के हित में कई योजनाओं के लिए लोकप्रिय थे।
7. दोर्जे खांडू: अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री की सीमा के पास दुर्घटना
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री दोर्जे खांडू की मौत 30 अप्रैल 2011 को पवन हंस हेलीकॉप्टर के क्रैश में हुई। वे तवांग से ईटानगर लौट रहे थे, जब उनका हेलीकॉप्टर चीन सीमा के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
8. विजय रूपाणी: विमान हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री की मृत्यु
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता विजय रूपाणी की मौत 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया फ्लाइट के क्रैश में हुई। विमान टेकऑफ के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें 241 यात्रियों की मौत हुई। इस हादसे ने पूरे देश को गहरे सदमे में डाल दिया।
इन हादसों ने देश को न केवल राजनीतिक नुकसान पहुँचाया, बल्कि समाज में भी एक खालीपन छोड़ गया। कई ऐसे नेता जिन्होंने अपने समय में जनता के लिए कई बड़े कदम उठाए, उनकी मौत ने राजनीति के मानचित्र को बदल दिया।





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