पंचकूला में तीजमल क्रिकेट टूर्नामेंट 2026 की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले उठा विवाद, बैनर में पदों को लेकर गलत जानकारी का आरोप
पंचकूला में तीजमल क्रिकेट टूर्नामेंट 2026 के आयोजन को लेकर आयोजित की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस उस समय विवादों में आ गई, जब कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए बैनर को लेकर सवाल खड़े हो गए। टूर्नामेंट की जानकारी देने के उद्देश्य से रखी गई इस प्रेस वार्ता से पहले ही बैनर में दर्शाई गई जानकारियों ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना दिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थल पर लगे बैनर में कुछ प्रमुख नेताओं की तस्वीरें और उनके पद अंकित किए गए थे, लेकिन इन पदों की सत्यता को लेकर आपत्तियां सामने आईं। स्थानीय लोगों और राजनीतिक जानकारों का कहना था कि बैनर में दर्शाए गए पद वास्तविक तथ्यों से मेल नहीं खाते, जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई।
इस पूरे मामले ने आयोजन समिति की तैयारियों और तथ्यों की जांच-पड़ताल पर भी सवाल खड़े कर दिए। कार्यक्रम से पहले ही उठे इस विवाद के कारण प्रेस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य पीछे छूट गया और चर्चा का केंद्र बैनर में दी गई कथित गलत जानकारियां बन गईं।
बैनर में पदों को लेकर आपत्ति
जानकारी के अनुसार, बैनर में पंचकूला के पूर्व मेयर, जिनका कार्यकाल हाल ही में समाप्त हुआ है, को अब भी “मेयर” के रूप में दर्शाया गया था। इसे लेकर आपत्ति जताई गई कि कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी उन्हें वर्तमान पद के रूप में प्रस्तुत करना तथ्यात्मक रूप से गलत है।
इसके अलावा, पूर्व दिवंगत सांसद रतन लाल कटारिया की धर्मपत्नी बंतो कटारिया को बैनर में “एक्स एमपी” (पूर्व सांसद) बताया गया, जिस पर भी सवाल उठे। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बंतो कटारिया विभिन्न सरकारी बोर्डों में सदस्य या अध्यक्ष के पद पर अवश्य रही हैं, लेकिन वे कभी भी सांसद नहीं रहीं। ऐसे में उन्हें पूर्व सांसद बताना सच्चाई के साथ खिलवाड़ माना जा रहा है।
आयोजकों की भूमिका पर उठे सवाल
इस पूरे प्रकरण के बाद आयोजन समिति की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है। लोगों का कहना है कि किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम, विशेषकर खेल आयोजन से जुड़े प्रचार सामग्री में तथ्यात्मक जानकारी की जिम्मेदारी आयोजकों की होती है। बिना उचित सत्यापन के इस प्रकार की जानकारी सार्वजनिक करना न केवल भ्रम पैदा करता है, बल्कि संबंधित व्यक्तियों की छवि और आयोजन की विश्वसनीयता पर भी असर डालता है।
फिलहाल, इस मामले में आयोजकों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर यह मांग उठ रही है कि बैनर में की गई त्रुटियों को तुरंत सुधारा जाए और भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही न बरती जाए, ताकि खेल आयोजन का उद्देश्य विवादों में न उलझे।





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