राम मंदिर ट्रस्ट की आज अहम बैठक: नेतृत्व में बदलाव पर हो सकता है फैसला, महासचिव पद को लेकर चर्चाएं तेज
अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को अयोध्या में आयोजित होने जा रही है। हाल के दिनों में सामने आए मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी प्रकरण के बाद यह ट्रस्ट की पहली औपचारिक बैठक है, इसलिए इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में ट्रस्ट के संगठनात्मक ढांचे, प्रशासनिक व्यवस्था, वित्तीय मामलों और भविष्य की कार्ययोजना पर कई अहम निर्णय लिए जा सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र द्वारा दिए गए इस्तीफों पर विचार किया जाएगा। यदि ट्रस्ट इन इस्तीफों को स्वीकार करता है तो संगठन में बड़े स्तर पर फेरबदल का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, अंतिम निर्णय बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा।
महासचिव पद पर नए चेहरे की चर्चा
बैठक से पहले महासचिव पद को लेकर कई नाम चर्चा में हैं। इनमें विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा का नाम सबसे प्रमुख माना जा रहा है। संगठन और वित्तीय प्रबंधन में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें इस पद का मजबूत दावेदार बताया जा रहा है।
इसके अलावा ट्रस्टी कृष्णमोहन और नीरज दौनेरिया के नाम भी संगठन में नई जिम्मेदारियों के लिए चर्चा में हैं। हालांकि ट्रस्ट की ओर से अभी तक किसी भी नाम पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
बताया जा रहा है कि यदि आज नियुक्तियों पर अंतिम निर्णय नहीं हो पाता है तो इसके लिए जल्द ही ट्रस्ट की एक और बैठक बुलाई जा सकती है।
दोपहर तीन बजे होगी बैठक
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक अयोध्या स्थित जन्मभूमि परिसर के यात्री सुविधा केंद्र में दोपहर तीन बजे आयोजित होगी। बैठक में अधिकांश ट्रस्टी व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहेंगे, जबकि कुछ सदस्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल होंगे।
बैठक में शामिल होने वाले प्रमुख सदस्यों में ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, महासचिव चंपत राय, निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, गोविंद देव गिरि महाराज, परमानंद गिरि महाराज, डॉ. अनिल मिश्र, कृष्णमोहन और महंत दिनेन्द्र दास शामिल हैं।
वहीं, वरिष्ठ ट्रस्टी के. परासरन और स्वामी विश्व प्रसन्न तीर्थ महाराज ऑनलाइन माध्यम से बैठक में भाग लेंगे। केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के पदेन प्रतिनिधि तथा अयोध्या के जिलाधिकारी भी बैठक में मौजूद रहेंगे।
चढ़ावा मामले की जांच रिपोर्ट पर होगी चर्चा
बैठक में मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) अपनी अंतरिम रिपोर्ट भी ट्रस्ट के समक्ष प्रस्तुत कर सकती है।
जानकारी के अनुसार, इस मामले की जांच के लिए जून में तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया था। जांच एजेंसी अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और मामले की विवेचना जारी है। इस प्रकरण की प्राथमिकी ट्रस्ट की ओर से दर्ज कराई गई थी।
ट्रस्ट जांच रिपोर्ट की समीक्षा करने के साथ-साथ भविष्य में चढ़ावे की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और वित्तीय पारदर्शिता को और मजबूत बनाने पर भी विचार कर सकता है।
ऑडिट रिपोर्ट और प्रशासनिक सुधार भी एजेंडे में
बैठक के एजेंडे में वित्त वर्ष 2025-26 की ऑडिट रिपोर्ट पर चर्चा भी शामिल है। इसके अलावा मंदिर प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने, कार्यप्रणाली में सुधार तथा नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति जैसे विषयों पर भी विचार किए जाने की संभावना है।
सूत्रों का कहना है कि ट्रस्ट आने वाले समय में प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत बनाने के लिए कई संस्थागत सुधारों पर निर्णय ले सकता है।
अयोध्या पहुंचे ट्रस्ट सदस्य और VHP पदाधिकारी
बैठक से पहले ट्रस्ट के अधिकांश सदस्य अयोध्या पहुंच चुके हैं। वहीं विश्व हिंदू परिषद के कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी शहर में मौजूद हैं। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेताओं के अयोध्या पहुंचने से संगठनात्मक बदलाव की चर्चाओं को और बल मिला है।
हालांकि ट्रस्ट की ओर से अभी तक किसी संभावित नियुक्ति या नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
कौन हैं बजरंग लाल बागड़ा?
बजरंग लाल बागड़ा संगठन और वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में लंबे अनुभव वाले वरिष्ठ पदाधिकारी हैं। वे वर्तमान में विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री हैं। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट बागड़ा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। उन्होंने नेशनल एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO) और RITES लिमिटेड में वित्तीय प्रबंधन से जुड़े वरिष्ठ पदों पर कार्य किया है।
संगठन संचालन, प्रशासनिक अनुभव और वित्तीय मामलों की समझ के कारण उन्हें महासचिव पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है।
देशभर की नजर बैठक के फैसलों पर
राम मंदिर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में ट्रस्ट की इस बैठक पर धार्मिक संगठनों, संत समाज और आम श्रद्धालुओं की विशेष नजर बनी हुई है।
बैठक में लिए जाने वाले निर्णय न केवल ट्रस्ट के संगठनात्मक ढांचे को प्रभावित करेंगे, बल्कि मंदिर के प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन और भविष्य की योजनाओं की दिशा भी तय कर सकते हैं। हालांकि महासचिव, ट्रस्टी या अन्य पदों पर किसी भी बदलाव की आधिकारिक पुष्टि बैठक समाप्त होने और ट्रस्ट की ओर से जारी सूचना के बाद ही होगी।




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