अब खुला राज आखिरकार ट्रंप ने क्यों छोड़ा था अपना विमान !
एयर फोर्स वन बना ‘चारा’, ट्रंप निकले थे गुप्त विमान से ! ईरानी खतरे के बीच तुर्की से सीक्रेट एग्जिट
कैमरों के सामने पुराने विमान में सवार हुए अमेरिकी राष्ट्रपति, कैटरिंग वाहन के जरिए पहुंचाए गए सैन्य विमान तक
NATO शिखर सम्मेलन के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तुर्की से ब्रिटेन तक की यात्रा अब एक कथित गुप्त सुरक्षा अभियान के कारण चर्चा में है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान से राष्ट्रपति के विमान को लेकर मिले गंभीर खतरे के बाद अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने ऐसा प्लान तैयार किया, जिसमें ट्रंप को सार्वजनिक रूप से दिख रहे Air Force One से नहीं, बल्कि एक सैन्य विमान से ब्रिटेन भेजा गया।
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप पहले कैमरों के सामने पुराने Air Force One में सवार हुए। इससे बाहर मौजूद लोगों और मीडिया को यही संकेत मिला कि राष्ट्रपति इसी विमान से तुर्की छोड़ रहे हैं। लेकिन इसके बाद सुरक्षा टीम ने उन्हें विमान के नीचे खड़ी कैटरिंग गाड़ी के जरिए चुपचाप बाहर निकाला और एक अन्य विमान तक पहुंचाया।
C-32A में हुआ गुप्त सफर
अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, ट्रंप को इसके बाद अमेरिकी वायुसेना के C-32A विमान में बैठाया गया। यह Boeing 757 का सैन्य संस्करण है। इसी विमान ने बाद में ब्रिटेन के लिए उड़ान भरी। रिपोर्ट के अनुसार यह विमान रात करीब 10:20 बजे ब्रिटेन में उतरा, जबकि राष्ट्रपति के साथ यात्रा कर रहे प्रेस सदस्यों वाला Air Force One कुछ मिनट बाद वहां पहुंचा।
यह पूरा घटनाक्रम उस समय हुआ जब ट्रंप NATO शिखर सम्मेलन के बाद तुर्की से ब्रिटेन जाने वाले थे। इससे पहले उन्होंने कतर से मिले नए Boeing विमान से अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय यात्रा की थी। बाद में उन्होंने पुराने Air Force One से जाने का फैसला सार्वजनिक रूप से बताया, जबकि रिपोर्टों के मुताबिक असल योजना इससे अलग थी।
सुरक्षा खतरे ने बदला पूरा प्लान
अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि सुरक्षा एजेंसियों को राष्ट्रपति के विमान से जुड़े ईरानी खतरे की विश्वसनीय जानकारी मिली थी। इसके बाद राष्ट्रपति की आवाजाही और विमान संबंधी जानकारी को लेकर भ्रम बनाए रखने की रणनीति अपनाई गई।
अगर ये रिपोर्टें सही हैं, तो यह अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए अपनाए गए उन दुर्लभ ऑपरेशनों में से एक है, जिसमें मीडिया और संभावित दुश्मन दोनों को राष्ट्रपति की वास्तविक लोकेशन और यात्रा के बारे में गुमराह किया गया।
ईरान का ट्रंप को दो टूक संदेश: ‘2029 तक इंतजार करेंगे’, होर्मुज पर भी नहीं झुकेगा तेहरान
तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ तत्काल बातचीत से इनकार करते हुए कहा है कि वह उनके मौजूदा कार्यकाल के खत्म होने तक यानी 20 जनवरी 2029 तक इंतजार करने को तैयार है।
ईरानी संसद अध्यक्ष के सलाहकार माजिद शाकेरी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ट्रंप प्रशासन के साथ किसी समझौते की उम्मीद नहीं है। वहीं, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी तेहरान ने रुख सख्त रखा है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का कहना है कि अमेरिका द्वारा उसकी मांगें स्वीकार किए जाने तक जलडमरूमध्य को खोलने पर विचार नहीं किया जाएगा।
ईरान ने बातचीत के लिए अपनी पुरानी शर्तों को दोहराते हुए संकेत दिया है कि वह दबाव में समझौता नहीं करेगा। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने होर्मुज को केवल समुद्री व्यापार मार्ग नहीं, बल्कि मौजूदा टकराव का महत्वपूर्ण रणनीतिक क्षेत्र बताया है।




Leave a Reply
Want to join the discussion?Feel free to contribute!