कर्ज के सहारे बदल रही भारतीयों की जिंदगी! घर सबसे आगे, सोने पर लोन ने मारी छह गुना छलांग
7 साल में कर्जदारों की संख्या 12.8 करोड़ से बढ़कर 28.3 करोड़; सरकारी आंकड़ों में सामने आई उधार की पूरी तस्वीर
भारतीय परिवारों के लिए लोन अब सिर्फ आर्थिक मजबूरी नहीं रह गया है। घर खरीदने, वाहन लेने, पढ़ाई और दूसरी जरूरतों के साथ सोने के बदले भी बड़ी संख्या में लोग कर्ज उठा रहे हैं। संसद में सरकार की ओर से रखे गए आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2026 तक बैंकों का कुल पर्सनल लोन पोर्टफोलियो 69.40 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
कर्ज में सबसे बड़ा हिस्सा हाउसिंग लोन का है। मार्च 2026 में घर खरीदने या बनाने के लिए बकाया कर्ज करीब 33.56 लाख करोड़ रुपये रहा, जो कुल पर्सनल लोन का लगभग आधा है। मार्च 2022 में यह राशि 17.38 लाख करोड़ रुपये थी। यानी चार साल में होम लोन का आकार लगभग दोगुना हो गया।
इसके बाद करीब 17.32 लाख करोड़ रुपये के साथ अन्य पर्सनल लोन का नंबर आता है। वाहन खरीदने का कर्ज भी मार्च 2022 के करीब 4 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर मार्च 2026 में 7.39 लाख करोड़ रुपये हो गया। शिक्षा ऋण भी इसी अवधि में करीब 83 हजार करोड़ से बढ़कर 1.56 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
सोना बना तुरंत नकदी जुटाने का बड़ा जरिया
सबसे तेज बढ़ोतरी गोल्ड लोन में देखने को मिली है। मार्च 2022 में गहनों के बदले लिया गया कर्ज करीब 74,738 करोड़ रुपये था, जो मार्च 2026 में बढ़कर 4.61 लाख करोड़ रुपये हो गया। यानी चार साल में इसमें लगभग छह गुना इजाफा हुआ। सोने की कीमतों में तेजी और तत्काल पैसों की जरूरत को इस बढ़ोतरी की अहम वजह माना जा रहा है।
कर्ज लेने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। RBI के आंकड़ों के अनुसार मार्च 2018 में करीब 12.8 करोड़ लोग कर्जदार थे, जो मार्च 2025 तक बढ़कर 28.3 करोड़ हो गए। इसी दौरान प्रति कर्जदार औसत बकाया रकम करीब 3.41 लाख रुपये से बढ़कर 4.77 लाख रुपये हो गई।
हालांकि, सरकार ने संसद में इसे तत्काल चिंता का विषय नहीं बताया। जून 2026 की RBI वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया कि भारत का घरेलू कर्ज कई अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अभी भी कम है। साथ ही, बेहतर क्रेडिट प्रोफाइल वाले कर्जदारों की हिस्सेदारी बढ़ने से संकेत मिलता है कि बड़ी संख्या में उधारकर्ता फिलहाल अपनी देनदारियां संभालने की स्थिति में हैं।
कुल तस्वीर यही है कि भारतीयों के लिए कर्ज का इस्तेमाल अब घर और बड़ी खरीदारी से आगे बढ़कर रोजमर्रा की वित्तीय जरूरतों तक पहुंच गया है। खासकर गोल्ड लोन की तेज रफ्तार इस बदलती उधारी की सबसे बड़ी कहानी बनकर सामने आई है।




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