राजनीतिक शुचिता और कानून का सदुपयोग
सत्ता अगर चाहे तो क्या कुछ नहीं कर सकती, वह चाहे तो भू माफियाओं के साम्राज्य को चंद मिनटों में ध्वस्त कर सकती है। भ्रष्टाचारी कार्यपालिका के भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों को मात्र दो या पांच हजार रुपये रिश्वत लेने पर जेल के सींखचों में बंद कर सकती है, न चाहे तो लाखों रुपये का […]

