16-10-2025
This content is restricted.
This author has not written his bio yet.
But we are proud to say that khabariprashad contributed 4765 entries already.
This content is restricted.
“हम प्रेस को बुलाते हैं या भोजन प्रेमियों को?” : एक आयोजक सोशल मीडिया पर जब पत्रकार की नजर खबर से हटाकर गिफ्ट और दावत पर होगी , तो पत्रकारिता जनता की आवाज़ नहीं, भोजनालय की मेज बन जाएगी। आयोजकों को डिसाइड करना होगा कि वह क्वालिटी के लोग चाहते हैं या फिर क्वांटिटी में […]
This content is restricted.
जब पूरे भारत में दीप जलते हैं, तो रामायण का एक अमर दृश्य आज के समय से संवाद करता है। हनुमान जी अपने बल पर संदेह करते हुए सागर के किनारे खड़े हैं, जब तक कि जाम्बवंत उन्हें यह याद नहीं दिलाते कि वह ताकत तो पहले से ही उनके भीतर है। उसके बाद जो […]
सदियों से भारतीय समाज जातीय भेदभाव की बेड़ियों में जकड़ा हुआ है। यह नफरत केवल सामाजिक संरचना को नहीं, बल्कि इंसान के विवेक और संवेदना को भी कुंद कर चुकी है। हर निर्णय, हर दृष्टिकोण, हर न्याय आज जाति के तराज़ू पर तोला जाता है। जब तक समाज जातीय पूर्वाग्रहों से मुक्त होकर न्याय-अन्याय के […]
(स्वयं विधायक पद का चुनाव नहीं लड़ा, पर कई विधायकों की डूबती नैया पार लगवाई।) भिवानी के गाँव बड़वा में जन्में रमेश वर्मा की राजनीतिक यात्रा एक ऐसे जननेता की कहानी है जिसने सत्ता नहीं, सेवा को साधन बनाया। चार दशक से अधिक समय में उन्होंने पंचायत से लेकर विधानसभा तक अपनी पहचान ईमानदारी, पारदर्शिता […]
किसी भी लोकतान्त्रिक देश के लिए सक्रिय एवं मजबूत विपक्ष का होना आवश्यक होता है। यह एक स्वस्थ लोकतंत्र का उदाहरण है,परन्तु हमारे देश में विपक्षी पार्टियाँ पूरी दुनिया में सबसे अधिक नकारात्मक भूमिका में दिखाई देती हैं। ये पार्टियाँ सत्तारूढ़ पार्टी का विरोध करते करते देश का विरोध करने से भी संकोच नहीं करतीं। […]
देश का दुर्भाग्य है, कि सामूहिक रूप से राष्ट्र को समृद्ध बनाने के प्रयास की जगह जनमानस को जाति, धर्म, पंथ, भाषा, क्षेत्र के नाम पर लड़ाकर राजनीतिक दल देश में अराजकता का वातावरण बनाने पर तुले हैं। उन्हें देश में कुछ भी सकारात्मक दिखाई नहीं देता। जन साधारण के लिए रोटी, कपड़ा और मकान […]
This content is restricted.
This content is restricted.
