साहिबज़ादे जोरावर सिंह और फतेह सिंह : साहस, धैर्य और बलिदान की अमर गाथा
आज का बालक धीरे-धीरे अपना धैर्य खोता जा रहा है। इसका परिणाम यह है कि समाज में आत्महत्या, अपराध और संवेदनहीनता जैसी प्रवृत्तियाँ बढ़ती जा रही हैं। दूसरों के प्रति सम्मान, आत्मगौरव तथा अपने धर्म के प्रति आस्था भी कम होती दिखाई दे रही है। जबकि वास्तव में बालक के भीतर साहस, धैर्य, आत्मगौरव, संवेदनशीलता […]

