वाह मंत्री जी : 6 साल में एक लाख से 113 करोड रुपए बना डाले !
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव पर शेल कंपनी के जरिए करोड़ों की कमाई के आरोप, जांच की मांग तेज
नई दिल्ली, 30 अगस्त।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए जा रहे हैं। रिपोर्टों और विश्लेषणों में दावा किया गया है कि वैष्णव और उनकी पत्नी द्वारा बनाई गई एक कथित शेल कंपनी ने सिर्फ छह साल में 1 लाख रुपये की शुरुआती पूंजी को 113 करोड़ रुपये में बदल दिया। आरोप है कि यह पूरा नेटवर्क खनन माफिया और राजनीतिक संपर्कों के सहारे खड़ा हुआ।
जानकारी के मुताबिक, 2015 में वैष्णव दंपति ने एडलर इंडस्ट्रियल सर्विसेज नाम से कंपनी स्थापित की। इसकी प्रारंभिक पूंजी थी मात्र 1 लाख रुपये। कंपनी के पास न फैक्ट्री थी, न उत्पादन का कोई रिकॉर्ड, फिर भी उसी वर्ष उसकी पूंजी बढ़कर 45 लाख रुपये हो गई। इसमें बड़ा निवेश त्रिवेणी अर्थमूवर्स नामक कंपनी से आया, जिस पर पहले ही अवैध खनन के मामले में 900 करोड़ रुपये का जुर्माना लग चुका था।
2017 में अश्विनी वैष्णव त्रिवेणी समूह की सहायक कंपनी के निदेशक बने। उसी साल एडलर के खातों में 111 करोड़ रुपये जमा हुए। आगे के वर्षों में भी कंपनी को करोड़ों का लोन और निवेश मिलता रहा। 2020–21 तक एडलर के खातों में 323 करोड़ रुपये तक की राशि दर्ज की गई। रिपोर्टों के मुताबिक, इनमें से 91 करोड़ सीधे वैष्णव और 23 करोड़ उनकी पत्नी के हिस्से दिखाए गए।
आरोप यह भी है कि 2019 में, जब वैष्णव राज्यसभा पहुंचे, उसी वर्ष त्रिवेणी समूह ने इलेक्टोरल बॉन्ड्स के जरिए बीजेपी को करोड़ों का चंदा दिया। इससे राजनीतिक फंडिंग और कारोबारी हितों के बीच संबंधों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
विपक्ष ने इस पूरे मामले की जांच की मांग की है और कहा है कि यह “खनन माफिया और सत्ता की मिलीभगत” का उदाहरण है। हालांकि, अब तक सरकार या मंत्री की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अश्विनी वैष्णव की प्रतिक्रिया का इंतजार
इतने गंभीर आरोप लगने के बाद भी खबर लिखे जाने तक केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव की तरफ से किसी प्रकार की कोई सफाई नहीं दी गई है । अगर उनकी तरफ से किसी प्रकार का कोई भी प्रतिक्रिया इस खबर को लेकर दी जाएगी तो वह भी यहीं पर लगाई जाएगी ।
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