भाजपा के एक कद्दावर नेता के संपर्क में था पुष्पिंद्र, उसी भूमिका से टीवी चैनल पर चला इंटरव्यू
पुलिस रिमांड के दौरान इंटरव्यू प्रसारित होने पर एसीबी पर उठे सवाल
पंचकूला नगर निगम कोटक महिंद्रा बैंक से जुड़े कथित करोड़ों रुपये के घोटाले में अब एक नया विवाद सामने आया है। मामले के मुख्य आरोपित पुष्पिंद्र सिंह के भाजपा के पंचकूला के एक कद्दावर वरिष्ठ नेता से संपर्क होने की चर्चा ने राजनीतिक रंग ले लिया है। आरोप है कि उसी नेता की भूमिका से एक निजी न्यूज़ चैनल में आरोपी का इंटरव्यू करवाया गया। सबसे बड़ा सवाल इस बात को लेकर उठ रहा है कि पुलिस रिमांड के दौरान ही आरोपी का इंटरव्यू कैसे टेलीकास्ट हो गया। कानूनी जानकारों का कहना है कि रिमांड के दौरान किसी आरोपी का मीडिया इंटरव्यू प्रसारित होना जांच प्रक्रिया और नियमों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इसी बीच मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब एंटी करप्शन ब्यूरो की जांच के बीच फरार बताए जा रहे कारोबारी सनी गर्ग ने ईमेल के माध्यम से अपना बयान मीडिया को भेज दिया। सनी गर्ग ने अपने पक्ष में कई दावे किए हैं, जिससे जांच एजेंसियों के सामने नए पहलू उभर सकते हैं। फिलहाल एंटी करप्शन ब्यूरो पूरे मामले की गहन जांच में जुटा हुआ है।
वहीं एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) पंचकूला में दर्ज एफआईआर नंबर 5 (दिनांक 24 मार्च 2026) से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। मामले में सामने आए एक व्यक्ति सन्नी गर्ग ने अपना विस्तृत बयान एसीबी को ईमेल के माध्यम से भेजकर आरोप लगाया है कि उसे लगभग 70 करोड़ रुपये का लोन ऊंची ब्याज दर पर दिया गया था और बाद में उसे व उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी गईं। सन्नी गर्ग द्वारा भेजी गई ईमेल के अनुसार कोटक महिंद्रा बैंक का वाइस प्रेसीडेंट पुष्पिंदर चौधरी ने स्वाति तोमर और रजत दह्रा के खातों के माध्यम से यह राशि बतौर एनसिक्योर लोन दी थी। आरोप है कि इस पर बाजार दर से काफी अधिक ब्याज वसूला जाता था।
सन्नी गर्ग की ईमेल के अनुसार 28 जनवरी 2026 को आयकर विभाग ने उसके आवास पर छापेमारी की थी, जिसमें उसने शपथपूर्वक बयान दर्ज कराया। इस दौरान व्हाट्सएप चैट समेत इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी जब्त किए गए, जिनमें कथित तौर पर लोन और ब्याज की मांग से संबंधित बातचीत शामिल है। सन्नी गर्ग ने यह भी कहा है कि उसने लोन की अधिकांश राशि बैंक और नकद माध्यम से वापस कर दी थी। हालांकि, आर्थिक नुकसान के चलते कुछ किस्तें समय पर नहीं चुका पाने पर आरोपी द्वारा उसे लगातार धमकाया जाने लगा।
सन्नी गर्ग ने बयान में आरोप लगाया गया है कि आरोपी खुद को प्रभावशाली बताता था और पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के साथ चलता था। साथ ही, उसने कथित तौर पर बड़े राजनेताओं, वरिष्ठ अधिकारियों और गैंगस्टरों से संबंध होने की बात कहकर डराया-धमकाया। सन्नी गर्ग के अनुसार, आयकर छापे के बाद आरोपी का रवैया और आक्रामक हो गया और उसने 10 फरवरी 2026 तक पूरी रकम ब्याज सहित लौटाने का दबाव बनाया। ऐसा न करने पर परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। डर के चलते पीड़ित अपने परिवार सहित घर छोड़कर छिपने को मजबूर हो गया। इस समय वह विदेश में है। इसके अलावा, रजत दह्रा की ओर से भी धमकी भरा ऑडियो संदेश मिलने का दावा किया गया है, जिसे जरूरत पड़ने पर जांच एजेंसियों को सौंपने की बात कही गई है।
सन्नी गर्ग ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि उसका आरोपियों से केवल लोन का ही संबंध था और उसे पैसों के वास्तविक स्रोत की जानकारी नहीं थी। उसने जांच एजेंसियों से अपील की है कि आयकर विभाग के समक्ष दिए गए उसके बयान को सत्य माना जाए और मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। गौरतलब है कि एसीबी पहले ही इस मामले में पुष्पिंदर चौधरी, स्वाति तोमर और रजत दह्रा सहित अन्य आरोपियों को कथित बैंक और नगर निगम पंचकूला से जुड़े धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार कर चुकी है।



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