पंचकूला नगर निगम चुनाव: संवेदनशील वार्ड नंबर 9 में देर रात भिड़े दो पक्ष, कई लोग घायल
पंचकूला नगर निगम चुनाव में मतदान में अभी कुछ दिन शेष हैं, लेकिन चुनावी माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। इसी बीच शनिवार देर रात वार्ड नंबर 9 से मारपीट और तनाव का मामला सामने आया है। वार्ड नंबर 9 को पहले से ही संवेदनशील वार्ड माना जाता रहा है, ऐसे में इस घटना ने प्रशासन और चुनाव आयोग की चिंता बढ़ा दी है।
मिली जानकारी के अनुसार भाजपा उम्मीदवार हरेंद्र मलिक के समर्थकों और निर्दलीय उम्मीदवार ममता रविकांत स्वामी तथा उनके पति रविकांत स्वामी के समर्थकों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी ने उग्र रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई।
दोनों पक्षों के लोग घायल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद के दौरान दोनों पक्षों के कई लोगों को चोटें आई हैं। घटना के बाद दोनों गुटों के समर्थक सरकारी अस्पताल पहुंचे, जहां उनका उपचार कराया जा रहा है। हालांकि घायलों की आधिकारिक संख्या अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव नजदीक आते ही वार्ड में राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा था और शनिवार रात यह तनाव हिंसक झड़प में बदल गया।
इस मामले में जब देर रात भाजपा उम्मीदवार हरेंद्र मलिक से बातचीत की गई तो उन्होंने पूरे घटनाक्रम को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। मलिक ने आरोप लगाया कि उनके चुनाव कार्यालय में कुछ लोग जबरन घुस आए थे, जिसके बाद स्थिति बिगड़ी।

रात करीब 8:30 बजे की बताई घटना
हरेंद्र मलिक ने बताया कि यह घटना रात करीब 8:30 बजे की है। उनके अनुसार उस समय वार्ड में हरियाणा सरकार के मंत्री के तौर पर गुर्जर की जनसभा चल रही थी और वह स्वयं मंच से संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि भाषण के दौरान उन्हें सूचना मिली कि उनके चुनाव कार्यालय में कुछ लोग नाजायज तरीके से घुस गए हैं और वहां गाली-गलौज की स्थिति बन गई है। यह जानकारी मिलते ही वह तुरंत कार्यक्रम स्थल से कार्यालय पहुंचे।
“माहौल शांत करने पहुंचे, तब तक झगड़ा शुरू हो चुका था”
भाजपा उम्मीदवार ने कहा कि वह अपने समर्थकों के साथ तुरंत कार्यालय पहुंचे और माहौल को शांत करने की कोशिश की। लेकिन तब तक मामला बढ़ चुका था।
उनका आरोप है कि निर्दलीय उम्मीदवार ममता रविकांत स्वामी के पति रविकांत स्वामी की तरफ से कुछ “गुंडे टाइप” लोगों को बुलाकर झगड़ा शुरू कर दिया गया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।

पुलिस चौकी में शिकायत देने का दावा
हरेंद्र मलिक ने कहा कि उनकी ओर से पूरे मामले की शिकायत पुलिस चौकी में दे दी गई है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने कहा कि चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया है और किसी को भी डराने-धमकाने या हिंसा का सहारा लेने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
दूसरी तरफ से प्रतिक्रिया का इंतजार
इस मामले में निर्दलीय उम्मीदवार ममता रविकांत स्वामी या उनके पति रविकांत स्वामी की ओर से देर रात तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। ऐसे में मामले का दूसरा पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
वार्ड नंबर 9 पहले से संवेदनशील
वार्ड नंबर 9 को नगर निगम चुनाव के लिहाज से पहले से संवेदनशील माना जा रहा है। यहां राजनीतिक मुकाबला काफी कड़ा बताया जा रहा है, जिसके चलते समर्थकों के बीच तनातनी की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस वार्ड में मुकाबला त्रिकोणीय और प्रतिष्ठा का बनता जा रहा है, जिसके कारण चुनावी माहौल अधिक आक्रामक नजर आ रहा है।

चुनाव आयोग के लिए बढ़ी चुनौती
नगर निगम चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना प्रशासन और चुनाव आयोग के लिए बड़ी जिम्मेदारी है। वार्ड नंबर 9 में हुई यह घटना संकेत देती है कि मतदान से पहले संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन से मांग की है कि चुनाव तक वार्ड में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
आज सामने आ सकता है नया मोड़
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि रविवार को दोनों पक्षों की ओर से बयानबाजी या शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। ऐसे में यह मामला चुनावी मुद्दा भी बन सकता है।फिलहाल वार्ड नंबर 9 की यह घटना पंचकूला नगर निगम चुनाव में चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है। अब सबकी नजर प्रशासनिक कार्रवाई और दोनों पक्षों के अगले कदम पर टिकी हुई है।



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