चंडीगढ़ की CTU बसों में जल्द शुरू होगी UPI से टिकट पेमेंट, QR स्कैन कर मिलेगा टिकट
चंडीगढ़। चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (CTU) यात्रियों के सफर को अधिक सुविधाजनक और डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। जल्द ही CTU की बसों में यात्री QR कोड स्कैन कर UPI के जरिए टिकट का भुगतान कर सकेंगे। इससे टिकट खरीदने के लिए नकद या खुले पैसों की जरूरत नहीं पड़ेगी।
प्रशासन फिलहाल इस सुविधा का कुछ चुनिंदा रूटों पर ट्रायल कर रहा है। तकनीकी परीक्षण सफल होने के बाद इसे ट्राइसिटी रूटों पर संचालित CTU की सभी 438 बसों में लागू किया जाएगा।
डीजल और इलेक्ट्रिक दोनों बसों में मिलेगी सुविधा
UPI आधारित टिकट प्रणाली केवल डीजल बसों तक सीमित नहीं रहेगी। ट्रायल पूरा होने के बाद शहर में चलने वाली इलेक्ट्रिक बसों में भी यात्री अपने मोबाइल से QR कोड स्कैन कर डिजिटल भुगतान कर सकेंगे। इससे टिकट लेने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और आसान होगी।
ट्राइसिटी के प्रमुख रूट होंगे कवर
नई सुविधा का लाभ चंडीगढ़ के साथ-साथ मोहाली, पंचकूला और आसपास के क्षेत्रों में यात्रा करने वाले यात्रियों को मिलेगा। सेक्टर-17 और सेक्टर-43 ISBT से चलने वाली बसों के अलावा PGI, पंजाब यूनिवर्सिटी, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और प्रमुख बाजारों को जोड़ने वाले रूट भी इस व्यवस्था में शामिल होंगे।
इसके अलावा मोहाली, खरड़, जीरकपुर, पंचकूला, मनसा देवी, चंडीमंदिर, मलोया, धनास, मौलीजागरां, मनीमाजरा और कुराली रूटों पर भी यात्री QR कोड के माध्यम से टिकट का भुगतान कर सकेंगे।
खुले पैसों की परेशानी से मिलेगी राहत
बसों में छोटे मूल्य के टिकट खरीदते समय यात्रियों और कंडक्टरों को अक्सर खुले पैसों की समस्या का सामना करना पड़ता है। कई बार छुट्टे पैसे नहीं होने से टिकट जारी करने में देरी होती है। UPI भुगतान शुरू होने के बाद यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी और यात्री निर्धारित किराया सीधे डिजिटल माध्यम से जमा कर सकेंगे।
टिकट जारी करने की प्रक्रिया होगी तेज
डिजिटल भुगतान से नकद लेने और बाकी रकम लौटाने में लगने वाला समय भी बचेगा। इससे बस स्टॉप पर टिकट वितरण की प्रक्रिया तेज होगी और बसों का संचालन अधिक सुचारु हो सकेगा। साथ ही यात्रियों को अधिक नकदी साथ रखने की आवश्यकता भी नहीं रहेगी।
कैश और स्मार्ट कार्ड का विकल्प रहेगा जारी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि UPI सुविधा लागू होने के बाद भी नकद और स्मार्ट कार्ड से टिकट खरीदने की व्यवस्था जारी रहेगी। जो यात्री डिजिटल भुगतान का उपयोग नहीं करना चाहते या नहीं कर सकते, वे पहले की तरह कैश देकर टिकट ले सकेंगे।
प्रशासन का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना है, ताकि यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा अनुभव मिल सके।




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