पीएम मोदी की संयम बरतने की सलाह शपथ समारोह में हुई तार तार
शपथ ग्रहण समारोह में एक भी पार्षद ना तो आए साइकिल से , ना ही पैदल , न इलेक्ट्रॉनिक गाड़ी से नही कार पुल करके
सुरक्षा इतनी सख्त की DIPRO की गाड़ी भी रोक दी पुलिस वालों ने
अतिक्रमण हटाओ अभियान की गाड़ी में लाया गया था चाय नाश्ता
पंचकूला में गुरुवार को आयोजित नगर निगम के नवनिर्वाचित मेयर श्यामलाल बंसल और 20 पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान आयोजन की भव्यता और व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई। कार्यक्रम को लेकर यह सवाल भी उठे कि जब प्रधानमंत्री स्तर पर पहले से ही सरकारी आयोजनों में संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और अनावश्यक भीड़ से बचने की सलाह दी जा चुकी है, तब इस समारोह में अपेक्षाकृत अधिक वाहनों और भीड़-भाड़ की स्थिति देखने को मिली। कुछ दिन पहले पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा था कि हमारे देश में तेल के कुएं नहीं है , सभी को संयम प्रार्थना चाहिए पर यह संयम सिर्फ और सिर्फ आम नागरिकों पर लागू होता है भाजपा नेताओं पर बिल्कुल भी नहीं ।
सूत्रों के अनुसार कार्यक्रम स्थल इंद्रधनुष ऑडिटोरियम, सेक्टर-5 के आसपास बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही रही, जिससे कुछ समय के लिए ट्रैफिक व्यवस्था पर भी असर पड़ा।
करीब 30 मिनट में पूरा हुआ शपथ ग्रहण कार्यक्रम
कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत मुख्यमंत्री के आगमन के बाद लगभग शाम 5:40 बजे हुई। इसके बाद 20 पार्षदों और मेयर को शपथ दिलाने की प्रक्रिया करीब 6:10 बजे तक पूरी कर ली गई।
सबसे पहले मेयर ने शपथ ली, जिसके बाद सभी पार्षदों को एक साथ शपथ दिलाई गई। संक्षिप्त समय में पूरा कार्यक्रम संपन्न होने के कारण कुछ उपस्थित लोगों में यह भावना भी देखी गई कि आयोजन अपेक्षा से अधिक छोटा रहा।
पार्किंग और प्रवेश व्यवस्था को लेकर असुविधा
कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के चलते वाहनों की आवाजाही सीमित कर दी गई थी। मेयर के अतिरिक्त केवल भाजपा नेताओं के और कुछ चुनिंदा पार्षदों के वाहनों को ही परिसर की पार्किंग में प्रवेश दिया गया, जबकि अधिकांश जनप्रतिनिधियों और आगंतुकों को बाहर या दूर पार्किंग स्थलों पर वाहन खड़ा कर पैदल आना पड़ा।
कुछ पार्षदों और आगंतुकों ने बताया कि उन्हें लगभग 500 से 1000 मीटर तक पैदल चलकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचना पड़ा। इस दौरान सुरक्षा जांच और बैरिकेडिंग के कारण प्रवेश प्रक्रिया में समय भी लगा।
वीआईपी पास होने के बावजूद प्रवेश व्यवस्था में सख्ती
कार्यक्रम में कुछ लोगों द्वारा यह भी बताया गया कि वीआईपी पास होने के बावजूद उन्हें निर्धारित वीआईपी मार्ग से प्रवेश नहीं मिला और सामान्य प्रवेश मार्ग का उपयोग करना पड़ा। सुरक्षा कर्मियों द्वारा सख्त जांच के चलते कई स्थानों पर प्रवेश व्यवस्था को लेकर भ्रम की स्थिति भी देखी गई।
प्रशासनिक वाहन भी जांच के दायरे में आए
सुरक्षा व्यवस्था इतनी सख्त रही कि जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी विनय वत्स को ही पुलिस वाले रोक लिया । बाद में विनय वत्स ने डीसीपी सृष्टि गुप्ता से संबंधित पुलिस वालों की जब बात कराई उसके बाद वाहन को आगे जाने दिया गया। इस घटना को लेकर कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा प्रोटोकॉल की सख्ती पर भी चर्चा होती रही।
सेक्टर-5 क्षेत्र में यातायात नियंत्रण से बढ़ी पैदल दूरी
इंद्रधनुष ऑडिटोरियम के आसपास सेक्टर-5 क्षेत्र में कई मार्गों को अस्थायी रूप से बैरिकेडिंग कर बंद किया गया था। इससे लोगों को लगभग आधा किलोमीटर से एक किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। कुछ आगंतुकों का कहना था कि उन्हें कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने में अपेक्षा से अधिक समय लगा।
कार्यक्रम की अवधि और व्यवस्थाओं पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
समारोह में उपस्थित कई लोगों का कहना था कि कार्यक्रम अपेक्षाकृत बहुत कम समय में समाप्त हो गया और इसमें औपचारिक संबोधन या विस्तृत कार्यक्रम की कमी रही। वहीं कुछ लोगों ने इसे प्रशासनिक दृष्टि से सुव्यवस्थित और समयबद्ध प्रक्रिया बताया।
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद बाहर निकलते समय लोगों में चर्चा रही कि आयोजन की अवधि और व्यवस्थाओं के बीच संतुलन बेहतर किया जा सकता था, ताकि आम नागरिकों की भागीदारी अधिक प्रभावी रूप से सुनिश्चित हो पाती।
अतिक्रमण हटाओ अभियान की गाड़ी में आया चाय नाश्ता
शपथ ग्रहण समारोह में बाहर से जो चाय नाश्ते की व्यवस्था की गई थी वह पंचकूला नगर निगम की अतिक्रमण हटाओ अभियान की गाड़ी में भरकर लाई गई थी । जिससे लाए गए चाय नाश्ते की क्वालिटी पर भी कुछ लोगों ने सवाल उठाए । लोगों ने गाड़ी को देखकर आपस में चर्चा की क्या इस तरीके से चाय नाश्ता लाया जाता है ।
पंचकूला नगर निगम के शपथ ग्रहण समारोह ने जहां एक ओर नए जनप्रतिनिधियों के कार्यभार संभालने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की, वहीं दूसरी ओर आयोजन की व्यवस्थाओं, यातायात नियंत्रण और संसाधनों के उपयोग को लेकर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। अब देखना यह होगा कि आने वाले समय में ऐसे आयोजनों में प्रशासन किस प्रकार अधिक संतुलित और जनहितकारी व्यवस्था सुनिश्चित करता है।
शपथ तो ले ली मेयर साहब बैठेगे कहा
बृहस्पतिवार को पंचकूला के मेयर श्यामलाल बंसल ने शपथ तो ले ली है पर सवाल इस बात का है कि वह बैठेंगे कहां पर क्योंकि जिस कमरे में पूर्व मेयर कुलभूषण गोयल बैठा करते थे उसे कमरे में तो अभी तक जॉइंट कमिश्नर गौरव चौहान का बोर्ड लगा हुआ है। और शपथ ग्रहण समारोह हो चुका है सवाल इस बात का है कि क्या मेयर श्यामलाल बंसल बैठेंगे कहां , क्या उनके लिए निगम कोई अलग से नया कमरा तैयार करेगा । क्योंकि निगम से जुड़े सूत्रों से अनुसार अगर गौरव चौहान आज कमरा खाली कर भी देते हैं तो भी मेयर के लिए कमरा तैयार होने में तीन से चार दिन का वक्त लगेगा।



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