नगर निगम चुनाव परिणाम को एक माह पूरा, अब डिप्टी मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर पदों पर टिकी निगाहें
30 दिन बीतने के बावजूद नहीं हुई कोई घोषणा, पार्षदों में बढ़ी उत्सुकता
पंचकूला। पंचकूला नगर निगम के मेयर और पार्षद चुनाव परिणाम घोषित हुए पूरा एक महीना बीत चुका है, लेकिन अभी तक डिप्टी मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर पदों के चुनाव को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में निगम के नव-निर्वाचित पार्षदों की निगाहें अब इन दोनों महत्वपूर्ण पदों पर टिकी हुई हैं। नगर निगम के गलियारों में भी इस विषय को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
पार्षदों का कहना है कि नियमों के अनुसार चुनाव परिणाम घोषित होने के 60 दिनों के भीतर डिप्टी मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर पदों का चुनाव संपन्न कर लिया जाना चाहिए, लेकिन अब तक इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। इससे कई पार्षदों के मन में आशंका पैदा होने लगी है कि कहीं इस बार भी पिछले कार्यकाल जैसी स्थिति न बन जाए।
पिछले कार्यकाल की यादें फिर हुईं ताजा
नगर निगम के पिछले कार्यकाल (2021-2026) का अनुभव पार्षदों और राजनीतिक दलों के लिए आज भी चर्चा का विषय बना हुआ है। उस समय मेयर पद पर कुलभूषण गोयल कार्यरत थे, लेकिन पूरे कार्यकाल के दौरान सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पदों के लिए चुनाव नहीं हो पाया था।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह स्थिति नगर निगम के इतिहास की सबसे असामान्य घटनाओं में से एक रही, क्योंकि किसी भी कार्यकाल में इन दोनों महत्वपूर्ण पदों का रिक्त रहना प्रशासनिक दृष्टि से भी सवाल खड़े करता है।
कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं हो पाया था चुनाव
पिछले कार्यकाल के दौरान एक समय ऐसा भी आया था जब मामला अदालत तक पहुंच गया था। कोर्ट ने नगर निगम प्रशासन को निर्देश देते हुए सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पदों को भरने के लिए चुनाव कराने के आदेश दिए थे।
कोर्ट के निर्देशों के बाद प्रशासन ने चुनाव प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी। चुनाव के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया था, मतदान की तारीख तय हो चुकी थी और चुनाव स्थल भी निर्धारित कर दिया गया था। नगर निगम के पार्षद चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने की तैयारी कर चुके थे।
लेकिन चुनाव वाले दिन अचानक घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। चुनाव अधिकारी की तबीयत खराब होने की सूचना सामने आई और चुनाव स्थगित कर दिया गया। इसके बाद यह चुनाव दोबारा कभी आयोजित नहीं हो पाया।
चुनाव अधिकारी की बीमारी बनी रही रहस्य
उस समय चुनाव अधिकारी की अचानक तबीयत बिगड़ने की घटना को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं होती रहीं। राजनीतिक हलकों में आज तक यह सवाल उठता रहा है कि आखिर चुनाव वाले दिन ही ऐसी क्या परिस्थितियां बनीं कि चुनाव अधिकारी चुनाव प्रक्रिया संपन्न नहीं करा सके।
हालांकि आधिकारिक तौर पर चुनाव स्थगित करने का कारण स्वास्थ्य संबंधी बताया गया था, लेकिन इसके बाद दोबारा चुनाव नहीं होने से पूरे मामले पर रहस्य और गहरा गया। यह विषय लंबे समय तक नगर निगम की राजनीति में चर्चा का केंद्र बना रहा।
इस बार समय पर चुनाव कराने की मांग
वर्तमान कार्यकाल में चुने गए कई पार्षद चाहते हैं कि पिछले कार्यकाल की पुनरावृत्ति न हो और निर्धारित समय सीमा के भीतर डिप्टी मेयर तथा सीनियर डिप्टी मेयर का चुनाव कराया जाए। उनका मानना है कि निगम प्रशासन के सुचारु संचालन और विभिन्न समितियों के गठन में इन पदों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
राजनीतिक दलों ने भी अंदरखाने अपनी-अपनी रणनीतियां बनानी शुरू कर दी हैं। संभावित उम्मीदवारों के नामों को लेकर चर्चाएं जारी हैं, हालांकि अभी तक किसी भी दल की ओर से आधिकारिक रूप से पत्ते नहीं खोले गए हैं।
प्रशासन की घोषणा का इंतजार
फिलहाल नगर निगम के पार्षदों, राजनीतिक दलों और शहरवासियों की निगाहें प्रशासन की आगामी घोषणा पर टिकी हुई हैं। यदि निर्धारित 60 दिन की अवधि के भीतर चुनाव प्रक्रिया शुरू होती है तो निगम को जल्द ही सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर मिल सकते हैं। वहीं यदि देरी होती है तो पिछले कार्यकाल की तरह एक बार फिर सवाल उठने शुरू हो सकते हैं।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन कब तक चुनाव की अधिसूचना जारी करता है और क्या इस बार पंचकूला नगर निगम को अपने दोनों महत्वपूर्ण पदों के लिए निर्वाचित प्रतिनिधि मिल पाते हैं या नहीं।



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