पंचकूला में चुनावी माहौल गरमाया: SDM चंद्रकांत कटारिया के तबादले की मांग, चुनाव आयोग ने मांगी रिपोर्ट
पंचकूला। हरियाणा में आगामी नगर निगम चुनाव 2026 की घोषणा के साथ ही प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनावी पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर भी सवाल उठने लगे हैं। इसी क्रम में कांग्रेस नेताओं ने पंचकूला के एसडीएम चंद्रकांत कटारिया के तबादले की मांग करते हुए चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है। शिकायत में उनके पारिवारिक राजनीतिक संबंधों को आधार बनाते हुए निष्पक्षता पर आशंका जताई गई है।
कांग्रेस नेता अंकुर गुलाटी द्वारा हरियाणा चुनाव आयोग को भेजी गई विस्तृत शिकायत में कहा गया है कि पंचकूला के एसडीएम चंद्रकांत कटारिया का परिवार लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा रहा है। उनकी माता बंतो कटारिया वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में अंबाला संसदीय क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार रह चुकी हैं और वर्तमान में पार्टी की राज्य उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। इसके अलावा, उनके पिता स्वर्गीय रतन लाल कटारिया अंबाला से पूर्व सांसद और केंद्र सरकार में राज्य मंत्री भी रह चुके हैं।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि ऐसे राजनीतिक रूप से सक्रिय परिवार से संबंध रखने वाले अधिकारी के संवेदनशील प्रशासनिक पद पर रहते हुए चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कांग्रेस नेता ने कहा कि यह केवल निष्पक्षता का मामला नहीं है, बल्कि यह भी जरूरी है कि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष दिखाई भी दे, ताकि आम जनता और प्रत्याशियों का विश्वास बना रहे।

अंकुर गुलाटी ने अपने पत्र में यह तर्क दिया कि जब किसी अधिकारी के करीबी पारिवारिक सदस्य सक्रिय राजनीति में हों, तो हितों के टकराव (Conflict of Interest) की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इससे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं और लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंच सकती है।
उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि नगर निगम चुनाव 2026 के दौरान चंद्रकांत कटारिया का तत्काल प्रभाव से पंचकूला से तबादला किया जाए। साथ ही यह भी अनुरोध किया गया कि ऐसे अन्य अधिकारियों, जिनके प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष राजनीतिक संबंध हों, उन्हें चुनाव प्रक्रिया से जुड़े संवेदनशील दायित्व न सौंपे जाएं।
इस मामले पर चुनाव आयोग ने त्वरित संज्ञान लेते हुए पंचकूला के उपायुक्त (डीसी) सतपाल शर्मा को पत्र जारी कर पूरी स्थिति की जांच करने और आवश्यक कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि शिकायतकर्ता को भी इस संबंध में सूचित किया जाए।


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