पंचकूला नगर निगम में नए मेयर के नाम की नेम प्लेट लगी, कार्यालय की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
मेयर श्यामलाल बंसल ने संभाला कार्यभार, पुराने फर्नीचर और फटी कुर्सियों को लेकर चर्चा तेज
पंचकूला, 30 मई। पंचकूला नगर निगम में नव निर्वाचित मेयर श्यामलाल बंसल ने शनिवार को अपना कार्यभार संभाल लिया। नगर निगम मुख्यालय सेक्टर-14 स्थित भवन में उनके लिए प्रथम तल पर कार्यालय निर्धारित किया गया है। इसी कार्यालय में पूर्व मेयर कुलभूषण गोयल बैठा करते थे। कार्यभार ग्रहण करने से पहले कार्यालय के बाहर मेयर श्यामलाल बंसल के नाम की नई नेम प्लेट भी लगा दी गई।
हालांकि मेयर के कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही उनके कार्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल भी उठने लगे हैं। विशेष रूप से कार्यालय में रखी गई कुर्सियों और फर्नीचर की स्थिति चर्चा का विषय बनी हुई है।
फटी हुई कुर्सियों ने खींचा लोगों का ध्यान
नगर निगम कार्यालय में मेयर के लिए तैयार किए गए कमरे में रखी गई कुछ कुर्सियों के कुशन पहले से ही फटे हुए दिखाई दिए। कार्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे लोगों और कर्मचारियों के बीच इस बात को लेकर चर्चा रही कि नगर निगम के सर्वोच्च निर्वाचित पद के कार्यालय में पुराना और क्षतिग्रस्त फर्नीचर क्यों रखा गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मेयर कार्यालय में प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक, जनप्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर पहुंचते हैं। ऐसे में कार्यालय की व्यवस्था और फर्नीचर की गुणवत्ता नगर निगम की कार्यप्रणाली और छवि को भी दर्शाती है।

जल्दबाजी में तैयार किया गया कार्यालय?
सूत्रों के अनुसार, जिस कमरे को मेयर कार्यालय के रूप में तैयार किया गया है, वहां पहले ज्वाइंट कमिश्नर गौरव चौहान का कार्यालय संचालित हो रहा था। बताया जा रहा है कि शुक्रवार तक कमरे के बाहर ज्वाइंट कमिश्नर के नाम की नेम प्लेट लगी हुई थी।
इसके बाद जब यह तय हुआ कि मेयर श्यामलाल बंसल शनिवार को कार्यभार ग्रहण करेंगे, तो कमरे को खाली कराकर वहां नई नेम प्लेट लगाई गई। इस घटनाक्रम के चलते यह चर्चा भी शुरू हो गई कि क्या कार्यालय की तैयारी जल्दबाजी में की गई है।
चुनाव परिणाम आने के बाद भी क्यों नहीं हुई तैयारी?
नगर निगम चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद से ही नए मेयर के कार्यभार ग्रहण करने की संभावना स्पष्ट थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि प्रशासन को नए मेयर के लिए कार्यालय तैयार करना था तो पहले से आवश्यक व्यवस्थाएं क्यों नहीं की गईं।
आलोचकों का कहना है कि चुनाव परिणाम आने के बाद पर्याप्त समय उपलब्ध था, जिसके दौरान कार्यालय की मरम्मत, फर्नीचर की व्यवस्था और अन्य आवश्यक तैयारियां पूरी की जा सकती थीं। लेकिन अंतिम समय में की गई तैयारियों के कारण व्यवस्थाओं में कमियां नजर आ रही हैं।

नागरिकों के लिए भी महत्वपूर्ण है कार्यालय की व्यवस्था
नगर निगम कार्यालय में प्रतिदिन विभिन्न वार्डों के निवासी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में कार्यालय में बैठने की उचित व्यवस्था होना आवश्यक माना जाता है। फटी हुई कुर्सियों और पुराने फर्नीचर को लेकर अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या मेयर कार्यालय में आने वाले नागरिकों को भी इन्हीं कुर्सियों पर बैठना पड़ेगा।
प्रशासन की ओर से नहीं आया कोई आधिकारिक बयान
फिलहाल इस पूरे मामले में नगर निगम प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि कार्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर उठ रहे सवालों के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि नगर निगम प्रशासन फर्नीचर और अन्य सुविधाओं को लेकर कोई कदम उठाता है या नहीं।
जनता की नजरें नई कार्यशैली पर
नव निर्वाचित मेयर श्यामलाल बंसल के कार्यभार संभालने के साथ ही शहरवासियों की उम्मीदें भी उनसे जुड़ी हुई हैं। वहीं, उनके कार्यालय की प्रारंभिक व्यवस्थाओं को लेकर उठे सवाल प्रशासनिक तैयारियों और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर चर्चा का विषय बन गए हैं।
अब नागरिकों की नजर इस बात पर रहेगी कि नगर निगम प्रशासन इन व्यवस्थागत कमियों को कितनी जल्दी दूर करता है और नए मेयर के नेतृत्व में शहर के विकास कार्यों को किस गति से आगे बढ़ाया जाता है।



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