हिमाचल में बदला मौसम का मिजाज बदलते ही टूरिस्टों की हुई मौज , ओलावृष्टि और बारिश से तापमान में गिरावट
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए लोगों को भीषण गर्मी से राहत दिलाई है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंडी हवाओं के चलते तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है। हालांकि, मौसम में आए इस बदलाव से बागवानों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं, क्योंकि कुछ क्षेत्रों में सेब की फसल को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं।
मंडी जिले के करसोग क्षेत्र और शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल में शुक्रवार को तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। करसोग के डींग और कथेड़ तथा रोहड़ू के शरोंथा इलाके में गिरे बड़े ओलों से सेब के बाग प्रभावित हुए हैं। बागवानों के अनुसार कई स्थानों पर फलों के साथ-साथ फसलों की सुरक्षा के लिए लगाए गए एंटी-हेल नेट भी क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
दूसरी ओर सिरमौर और लाहौल-स्पीति जिलों में हुई बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार नाहन में सबसे अधिक 14.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि पांवटा साहिब, धौलाकुआं, केलांग और कुकुमसेरी में भी बारिश रिकॉर्ड की गई। वर्षा के बाद नाहन का न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब 5 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया, जिससे क्षेत्र में ठंडक बढ़ गई।
शिमला, मनाली, मंडी और कांगड़ा सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही। मौसम के ठंडा होने से स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को गर्मी से राहत मिली। पर्यटन स्थलों पर मौसम का आनंद लेने वालों की संख्या में भी बढ़ोतरी देखी गई।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों तक प्रदेश के कई क्षेत्रों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि 31 मई के बाद पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कमजोर पड़ सकता है, लेकिन 2 जून तक कुछ इलाकों में रुक-रुक कर बूंदाबांदी होने के आसार हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जहां यह बारिश जल स्रोतों और तापमान के लिहाज से राहत लेकर आई है, वहीं बागवानी क्षेत्र में हुए नुकसान का असर आगामी सीजन की पैदावार पर पड़ सकता है। प्रशासन और कृषि-बागवानी विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
मौसम सुहावना होते ही टूरिस्टों की हुई मौज
भीषण गर्मी के बीच मौसम में आए बदलाव ने हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों को राहत दी है। मंडी जिले में शुक्रवार को बारिश के साथ ओलावृष्टि दर्ज की गई, जबकि सिरमौर में रातभर हुई वर्षा से तापमान में गिरावट आई। शिमला, मनाली और कांगड़ा समेत कई पर्यटन स्थलों पर बादलों की आवाजाही से मौसम खुशनुमा बना हुआ है।
दूसरी ओर, पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम विभाग ने बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। विभाग के अनुसार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
मौसम में बदलाव के कारण पंजाब के अधिकतम तापमान में औसतन 2 डिग्री सेल्सियस से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि फरीदकोट राज्य का सबसे गर्म क्षेत्र रहा, जहां तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने, खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने तथा बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।




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