‘सिर्फ चेक-इन से बात नहीं बनेगी!’ चंडीगढ़ और अमृतसर एयरपोर्ट पर केंद्र के फैसले पर मनीष तिवारी का बड़ा सवाल
कांग्रेस सांसद बोले- जब अंतरराष्ट्रीय सुविधा देनी है तो चंडीगढ़ और अमृतसर को ‘पॉइंट ऑफ कॉल’ बनाने से रोक कौन रहा है?
चंडीगढ़: अमृतसर एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए इमिग्रेशन और चेक-इन सुविधा शुरू करने के केंद्र सरकार के फैसले पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सवाल उठाते हुए इसे अधूरा कदम बताया है। उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से पूछा कि जब यात्रियों को बेहतर सुविधा देने की बात हो रही है, तो अमृतसर और चंडीगढ़ एयरपोर्ट को सीधे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए ‘पॉइंट ऑफ कॉल (POC)’ का दर्जा क्यों नहीं दिया जा रहा।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने हाल ही में घोषणा की थी कि अब पंजाब के यात्री अमृतसर एयरपोर्ट पर ही चेक-इन, इमिग्रेशन, कस्टम और बैगेज ड्रॉप जैसी सभी औपचारिकताएं पूरी कर सकेंगे। इसके बाद उन्हें केवल दिल्ली से अपनी कनेक्टिंग अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़नी होगी। सरकार का दावा है कि इससे यात्रियों का समय बचेगा और यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी।
हालांकि, चंडीगढ़ से कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि वास्तविक समाधान तब होगा, जब अमृतसर और चंडीगढ़ से विदेशी एयरलाइंस को सीधे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की अनुमति मिले। उन्होंने कहा कि इस मांग को वह पहले भी कई बार केंद्र सरकार के सामने रख चुके हैं और संबंधित मंत्री को पत्र भी लिख चुके हैं। तिवारी ने सवाल किया कि आखिर ऐसी कौन-सी बाधा है जो इन दोनों एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय ‘पॉइंट ऑफ कॉल’ का दर्जा मिलने से रोक रही है।
उधर, केंद्रीय मंत्री का कहना है कि नई व्यवस्था से हर साल दिल्ली होकर यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी। सरकार के अनुसार, अमृतसर उत्तर भारत के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार के रूप में उभर सकता है, जिससे पर्यटन, होटल उद्योग, व्यापार, कार्गो और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा।
अब यह मुद्दा केवल हवाई सुविधा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पंजाब और चंडीगढ़ की अंतरराष्ट्रीय एयर कनेक्टिविटी को लेकर केंद्र और विपक्ष के बीच नई राजनीतिक बहस का कारण बनता दिख रहा है।




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