E20 का डर या इंजन की फिक्र? महंगा पेट्रोल खरीदने को तैयार लोग, इथेनॉल-फ्री फ्यूल की बिक्री दोगुनी
नई दिल्ली: देश में E20 पेट्रोल को लेकर चल रही बहस के बीच इथेनॉल-फ्री 100-ऑक्टेन प्रीमियम पेट्रोल की मांग में तेज उछाल दर्ज किया गया है। उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, हाल के महीनों में इसकी बिक्री लगभग दोगुनी हो गई है। वाहन मालिकों का एक वर्ग इंजन की सुरक्षा और लंबी उम्र को प्राथमिकता देते हुए सामान्य पेट्रोल की तुलना में कहीं अधिक कीमत चुकाने के बावजूद इस विकल्प की ओर रुख कर रहा है।
सरकारी तेल कंपनियां 100-ऑक्टेन प्रीमियम पेट्रोल को अलग-अलग ब्रांड नामों से बेचती हैं। यह ईंधन मुख्य रूप से हाई-परफॉर्मेंस कारों और सुपरबाइक्स के लिए तैयार किया गया है, लेकिन अब सामान्य वाहन मालिकों की भी इसमें दिलचस्पी बढ़ती दिखाई दे रही है। सोशल मीडिया पर E20 पेट्रोल से इंजन को संभावित नुकसान संबंधी चर्चाओं के बाद इसकी मांग में और तेजी आई है।
दिल्ली में 100-ऑक्टेन इथेनॉल-फ्री पेट्रोल की कीमत करीब 160 रुपये प्रति लीटर है, जो सामान्य पेट्रोल से लगभग 57 प्रतिशत महंगा है। इसके बावजूद कई उपभोक्ता इसे इंजन की बेहतर सुरक्षा और कम जंग जैसी वजहों से चुन रहे हैं। हालांकि, इसकी उपलब्धता अभी भी बेहद सीमित है और देश के एक प्रतिशत से भी कम पेट्रोल पंपों पर यह ईंधन मिलता है।

वहीं, केंद्र सरकार ने साफ किया है कि E20 से अधिक इथेनॉल मिश्रण बढ़ाने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है और E0 या E10 पेट्रोल को दोबारा शुरू करने की भी योजना नहीं है। सरकार का कहना है कि E20 से उत्सर्जन कम करने और ऊर्जा आयात पर निर्भरता घटाने में मदद मिलती है, हालांकि उसने यह भी स्वीकार किया है कि कुछ वाहनों में माइलेज पर 3 से 5 प्रतिशत तक असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इथेनॉल-फ्री पेट्रोल की मौजूदा मांग भावनात्मक और आशंकाओं से प्रेरित हो सकती है। यदि E20 को लेकर भ्रम दूर होता है, तो महंगे प्रीमियम फ्यूल की बिक्री फिर सामान्य स्तर पर लौट सकती है। फिलहाल इंजन की सुरक्षा बनाम बढ़ते ईंधन खर्च की बहस ऑटोमोबाइल सेक्टर में चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है।




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