इच्छामृत्यु पर सुप्रीम कोर्ट का संवेदनशील फैसला
भारत की न्याय व्यवस्था केवल कानून की व्याख्या करने वाली संस्था भर नहीं है, बल्कि वह समाज के नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं को दिशा देने वाली महत्वपूर्ण व्यवस्था भी है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया द्वारा गाजियाबाद के 32 वर्षीय हरीश राणा के मामले में दिया गया निर्णय इसी मानवीय दृष्टिकोण का […]

