पैनिक गैस नहीं, ओटीपी कर रहा इसलिए लोग पहुंच रहे सिलिंडर लेकर एजेंसी तक
इन दिनों गैस एजेंसियों पर लोगों की भीड़ देखने को मिल रही है। कई लोग अपने खाली सिलिंडर लेकर सीधे एजेंसी या गोदाम पहुंच रहे हैं। हालांकि जांच में सामने आया है कि यह स्थिति गैस की वास्तविक कमी से ज्यादा ओटीपी (OTP) संबंधी समस्या और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों के कारण पैदा हो रही है।
दरअसल, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान–इजरायल–अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण किए जाने की खबरों के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि वहां से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। इसी को देखते हुए सरकार ने एहतियात के तौर पर कई राज्यों में कमर्शियल गैस सिलिंडरों की सप्लाई अस्थायी रूप से रोक दी है।
कमर्शियल सिलिंडर की सप्लाई रुकने की खबर के बाद आम लोगों में डर और पैनिक का माहौल बन गया है। कई लोगों को यह आशंका है कि कहीं घरेलू गैस सिलिंडर की भी कमी न हो जाए और भविष्य में 14 किलोग्राम का घरेलू सिलिंडर मिलना मुश्किल हो सकता है। इसी डर के कारण लोग अपने खाली सिलिंडर लेकर सीधे गैस एजेंसी पहुंच रहे हैं।
इस पूरे मामले को लेकर जब खबरी प्रशाद की टीम ने स्थानीय गैस एजेंसी से बातचीत की, तो एजेंसी कर्मचारियों ने स्थिति को स्पष्ट किया। एजेंसी के अनुसार घरेलू गैस की सप्लाई में कोई समस्या नहीं है और घरेलू सिलिंडर नियमित रूप से आ रहे हैं। हां, यह जरूर है कि कंपनी की ओर से फिलहाल कमर्शियल सिलिंडर की सप्लाई नहीं आ रही है।
एजेंसी कर्मियों ने बताया कि लोगों के पैनिक की एक बड़ी वजह गैस बुकिंग के दौरान आने वाला ओटीपी न मिलना भी है। उनका कहना है कि कई ग्राहकों को बुकिंग के समय ओटीपी प्राप्त नहीं हो रहा, जिसके कारण वे घबराकर सीधे खाली सिलिंडर लेकर एजेंसी पहुंच जाते हैं। लेकिन ओटीपी के बिना एजेंसी उन्हें सिलिंडर जारी नहीं कर सकती।

एजेंसी कर्मचारियों का कहना है कि यदि ओटीपी सेवा सुचारु रूप से काम करने लगे तो ऐसी स्थिति काफी हद तक नियंत्रित हो सकती है।
इस दौरान एजेंसी पर एक ऐसा मामला भी सामने आया, जिसमें एक व्यक्ति 27 फरवरी को ही सिलिंडर लेने के बावजूद दोबारा सिलिंडर लेने पहुंच गया। उस व्यक्ति का कहना था कि उसने सोशल मीडिया पर देखा है कि गैस सिलिंडर की सप्लाई बंद हो रही है, इसलिए वह पहले से स्टॉक करना चाहता था। हालांकि एजेंसी कर्मचारियों ने उसे स्थिति समझाकर वापस भेज दिया।
गैस बुकिंग के नए नियम ने भी किया आग में घी का काम
हाल ही में केंद्र सरकार ने गैस बुकिंग को लेकर नया नियम जारी किया है जिसमें अब 21 दिन की बजाय 25 दिन के बाद दूसरे सिलेंडर के लिए बुकिंग की जा सकती है इस नियम में भी एलपीजी शॉर्टेज में आग में घी का काम कर दिया है लोगों को लगने लगा कि जहां से lpg की सप्लाई आती थी वहां से एलपीजी सप्लाई कम आ रही है और इसीलिए सरकार ने नियम बदला है।
समस्याएं सिर्फ छोटी-छोटी सी है समस्याएं घरेलू गैस सिलेंडर के लिए ज्यादा बड़ी नहीं है जरूर सरकार को सिर्फ ओटीपी व्यवस्था को दुरुस्त करने की है और अगर नियम पुराना ही चलता रहता तो भी लोगों को इतना पैनिक होने की जरूरत नहीं पड़ती । सरकार आज भी चाहे तो इस सिस्टम को सुधार सकती है नियमित अगर ओटीपी आता रहे और गैस बुकिंग का सिस्टम फिर से पुरानी सिस्टम पर लौटा दिया जाए तो लोगों में भरोसा जागेगा और लोग एलजी के लिए इतना पैनिक नहीं होंगे।

इसके अलावा लोगों को भी यह समझना होगा कि इराक इजरायल युद्ध का ज्यादा नहीं तो थोड़ा बहुत असर तो होना ही है । लोगों को भी चाहिए कि सिर्फ घर में एलपीजी को जरूर भर इस्तेमाल करें फालतू का इस्तेमाल अगर वह भी बंद करेंगे तो जो गैस की बर्बादी होती है उससे भी बचाव होगा और थोड़ा बहुत अगर घर में इलेक्ट्रॉनिक सामान है जिसमें खाना वगैरा बनाया जा सकता तो अगर उसका भी इस्तेमाल करेंगे तो एलजी बचेगी और अगर किसी घर में सिलेंडर 40 दिन चलता है तो सिलेंडर 50 दिन चलना शुरू हो जाएगा उसका असर भी एलपीजी गैस पर पड़ेगा तो बदलाव की जरूरत सबको है सरकार को भी और आम नागरिक को भी ।
विशेषज्ञों और एजेंसी कर्मचारियों की अपील है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें, क्योंकि फिलहाल घरेलू गैस की सप्लाई सामान्य रूप से जारी है।



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