हरियाणा निकाय चुनाव: कांग्रेस ने अंबाला और सोनीपत में मेयर उम्मीदवारों का ऐलान, पंचकूला सीट पर फैसला बाकी
चंडीगढ़। हरियाणा में आगामी निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी क्रम में कांग्रेस पार्टी ने अंबाला और सोनीपत नगर निगमों के लिए मेयर पद के उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने अंबाला से कुलविंदर कौर और सोनीपत से शहरी जिला अध्यक्ष कमल दीवान को मैदान में उतारा है, जबकि पंचकूला सीट को लेकर अभी निर्णय लंबित रखा गया है। पार्टी नेतृत्व के अनुसार, पंचकूला के उम्मीदवार की घोषणा जल्द ही कर दी जाएगी।
चुनावी कार्यक्रम और रणनीति
राज्य में नगर निकाय चुनाव के तहत सोनीपत, पंचकूला और अंबाला नगर निगम सहित रेवाड़ी नगर परिषद तथा उकलाना, धारूहेड़ा और सांपला नगर पालिकाओं में 10 मई को मतदान होगा। नामांकन प्रक्रिया 21 अप्रैल से शुरू होगी, जबकि 13 मई को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि पार्टी समयबद्ध तरीके से उम्मीदवारों की घोषणा कर रही है और संगठन पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरने को तैयार है। उन्होंने संकेत दिया कि शेष सीटों पर भी जल्द ही उम्मीदवार घोषित कर दिए जाएंगे।
सोनीपत: अनुभव और सामाजिक समीकरण पर दांव
सोनीपत से कांग्रेस ने कमल दीवान पर भरोसा जताया है। कमल दीवान का राजनीतिक और सामाजिक पृष्ठभूमि से गहरा संबंध रहा है। उनका परिवार लंबे समय से कांग्रेस से जुड़ा रहा है। उनके पिता देवराज दीवान भी पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं।
कमल दीवान इससे पहले 2025 में हुए नगर निगम उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार रह चुके हैं, हालांकि उस समय उन्हें भाजपा के उम्मीदवार राजीव जैन के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद पार्टी ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है। सोनीपत में पंजाबी समुदाय के लगभग 75 हजार मतदाता हैं, जिसे देखते हुए यह चयन सामाजिक समीकरण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अंबाला: आरक्षित सीट पर नया चेहरा
अंबाला नगर निगम में इस बार मेयर पद पिछड़ा वर्ग (BC) के लिए आरक्षित है। कांग्रेस ने यहां कुलविंदर कौर को उम्मीदवार बनाया है, जो सैनी समाज से आती हैं। उनके पति कृपाल सिंह कांग्रेस के सक्रिय नेता हैं और सेना से सेवानिवृत्त हैं। वे सामाजिक कार्यों और स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस ने इस सीट पर सामाजिक संतुलन साधने और स्थानीय प्रभाव को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है।

पिछले चुनावों का प्रदर्शन
हरियाणा के इन तीनों नगर निगमों में पिछले चुनावों में भाजपा का दबदबा रहा है:
- पंचकूला: वर्ष 2020 के चुनाव में भाजपा के कुलभूषण गोयल ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार को कड़े मुकाबले में हराया था।
- अंबाला: हाल ही में हुए चुनावों में भाजपा की शैलजा संदीप सचदेवा ने कांग्रेस उम्मीदवार अमीषा चावला को 20 हजार से अधिक वोटों से पराजित किया था।
- सोनीपत: मार्च 2025 में हुए उपचुनाव में भाजपा के राजीव जैन ने कांग्रेस के कमल दीवान को 34 हजार से अधिक मतों से हराया था।
इन आंकड़ों को देखते हुए कांग्रेस के सामने इन सीटों पर वापसी की चुनौती है, जबकि भाजपा अपने मजबूत प्रदर्शन को दोहराने की कोशिश करेगी।

पंचायत उपचुनाव भी साथ
इसी दिन राज्य में पंचायत राज संस्थाओं के 528 पदों पर भी उपचुनाव कराए जाएंगे। इनमें जिला परिषद, ब्लॉक समिति, सरपंच और पंच के पद शामिल हैं। चुनाव आयोग ने बताया है कि मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के माध्यम से होगा, हालांकि इस बार वीवीपैट का उपयोग नहीं किया जाएगा। खास बात यह है कि पहली बार NOTA का विकल्प तो रहेगा, लेकिन इसका चुनाव परिणाम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
राजनीतिक माहौल और आगे की राह
हरियाणा के इन निकाय चुनावों को आगामी विधानसभा चुनावों के सेमीफाइनल के रूप में भी देखा जा रहा है। कांग्रेस जहां संगठन को मजबूत कर अपनी वापसी की कोशिश में जुटी है, वहीं भाजपा अपने मौजूदा जनाधार को बनाए रखने के लिए रणनीति बना रही है।
आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की पूरी सूची और चुनावी प्रचार के साथ राजनीतिक माहौल और भी गर्म होने की संभावना है।




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