सुख का मापदण्ड और भारतीय यथार्थ
विश्व हैपीनेस रिपोर्ट की सीमाएँ और भारत में सहानुभूति–ढाँचे की अनिवार्यता विश्व हैपीनेस रिपोर्ट में भारत की निम्न रैंकिंग अक्सर वास्तविक कल्याण स्थिति से अधिक सांस्कृतिक तथा धारणा-आधारित पूर्वाग्रहों को दर्शाती है। सुख मापने की पद्धति में निहित सीमाओं को समझते हुए भारत को अपने सामाजिक, संवेदनात्मक और सामुदायिक ढाँचे में सहानुभूति-आधारित सुधारों को बढ़ाना […]
