होली 2026: जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पौराणिक महत्व और उत्सव की परंपरा
नई दिल्ली। रंगों और उल्लास का प्रतीक पर्व होली देशभर में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। दीपावली के बाद यह हिंदू धर्म का सबसे लोकप्रिय और बहुप्रतीक्षित त्योहार माना जाता है। होली का उत्सव सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देता है। परंपरानुसार यह पर्व दो दिनों तक मनाया जाता है—पहले दिन होलिका दहन और दूसरे दिन रंगों की होली।
दो दिवसीय उत्सव की परंपरा
होली का पहला दिन ‘होलिका दहन’ या ‘छोटी होली’ के नाम से जाना जाता है। इस दिन संध्या समय विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर होलिका का दहन किया जाता है। इसे ‘जलाई वाली होली’ भी कहा जाता है। अग्नि प्रज्वलित कर नकारात्मक शक्तियों के अंत और सकारात्मक ऊर्जा के स्वागत का प्रतीकात्मक संदेश दिया जाता है।
दूसरे दिन ‘रंगवाली होली’ या ‘धुलंडी’ मनाई जाती है, जो मुख्य उत्सव का दिन होता है। इस अवसर पर लोग एक-दूसरे को गुलाल लगाकर, रंग और पानी से खेलकर खुशियां साझा करते हैं। यह दिन आपसी मतभेद भुलाकर प्रेम और सौहार्द बढ़ाने का अवसर भी माना जाता है।
पौराणिक कथा और आध्यात्मिक महत्व
होली का संबंध प्राचीन पौराणिक कथा से जुड़ा है। मान्यता है कि असुर राजा हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र प्रह्लाद की विष्णु भक्ति से क्रोधित होकर उसे मृत्यु दंड देने की योजना बनाई। उसने अपनी बहन होलिका की सहायता ली, जिसे अग्नि से न जलने का वरदान प्राप्त था। होलिका प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठ गई, किंतु ईश्वर कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित रहे और होलिका अग्नि में भस्म हो गई।
इस घटना की स्मृति में होलिका दहन किया जाता है, जो श्रद्धा, सत्य और भक्ति की विजय का प्रतीक है। वहीं रंगवाली होली का संबंध राधा-कृष्ण की प्रेम लीला से भी जोड़ा जाता है। यह पर्व वसंत ऋतु के आगमन और शीत ऋतु की विदाई का भी संकेत देता है।
होली 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार होली फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह पर्व प्रायः फरवरी के अंतिम सप्ताह या मार्च के आरंभ में पड़ता है।
वर्ष 2026 में होलिका दहन मंगलवार, 3 मार्च को किया जाएगा, जबकि रंगवाली होली बुधवार, 4 मार्च को मनाई जाएगी।
महत्वपूर्ण तिथियां इस प्रकार हैं:
- पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 2 मार्च 2026, सोमवार, सायं 5:55 बजे
- पूर्णिमा तिथि समाप्त: 3 मार्च 2026, मंगलवार, सायं 5:07 बजे
- होलिका दहन: 3 मार्च 2026, मंगलवार
- रंगवाली होली: 4 मार्च 2026, बुधवार
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार होलिका दहन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में, पूर्णिमा तिथि में करना शुभ माना जाता है। इस वर्ष भद्रा मुख का समय प्रातः 2:35 बजे से 4:30 बजे तक रहेगा, अतः इस अवधि में होलिका दहन नहीं किया जाना चाहिए।
सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व
होली केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विविधता का उत्सव भी है। विभिन्न राज्यों में इसे अलग-अलग परंपराओं के साथ मनाया जाता है। कहीं फाग गीत गाए जाते हैं तो कहीं विशेष पकवानों की परंपरा है।




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