24 घंटों में तीन बड़े विमान हादसे: क्या हवाई यात्रा सुरक्षित; सुरक्षा पर उठ रहे हैं सवाल?
अहमदाबाद विमान हादसे के बाद लगातार ऐसी खबरें आ रही जब विमान या तो हवा में खराब हो रहे हैं या फिर रनवे पर। विमान में सफर करने वाले नागरिकों की चिंताएं इसको लेकर लगातार बढ़ रही है। अगर बात बीते 24 घंटे की की जाए तो बीते 24 घंटे में ही भारत में तीन बड़े विमान हादसे हो गए हैं जिसके बाद यह चर्चा और तेजी से शुरू हो गई है कि क्या विमान यात्रा अब सुरक्षित रह गई है।
अंडमान में समुद्र में उतारा गया हेलिकॉप्टर
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मंगलवार सुबह एक हेलिकॉप्टर को तकनीकी खराबी के कारण समुद्र में नियंत्रित क्रैश लैंडिंग करानी पड़ी। पोर्ट ब्लेयर से मायाबंदर जा रहे इस हेलिकॉप्टर में दो पायलट सहित सात लोग सवार थे, जिनमें महिलाएं और एक बच्चा भी शामिल था। उड़ान के दौरान आई तकनीकी गड़बड़ी के बाद पायलटों ने सतर्कता दिखाते हुए रनवे से कुछ दूरी पहले समुद्र में सुरक्षित लैंडिंग कराई।

घटना में सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। कुछ को हल्की चोटें आईं, जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और तकनीकी टीम खराबी के कारणों की पड़ताल कर रही है।
झारखंड में एयर एंबुलेंस हादसा, सात की मौत
इससे एक दिन पहले झारखंड के चतरा जिले में एयर एंबुलेंस दुर्घटना ने देश को स्तब्ध कर दिया। रांची से दिल्ली जा रहा एक चार्टर्ड एयर एंबुलेंस विमान उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद जंगल क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में दो पायलटों सहित सात लोगों की मौत हो गई।

बताया गया कि विमान में गंभीर रूप से झुलसे एक मरीज को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा था। परिजनों ने बड़ी मुश्किल से लाखों रुपये की व्यवस्था कर एयर एंबुलेंस बुक की थी। उड़ान के करीब 20–25 मिनट बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया और कुछ देर बाद विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली। प्रारंभिक आशंका खराब मौसम और तेज हवाओं को लेकर जताई जा रही है, हालांकि तकनीकी और मानवीय पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
स्पाइसजेट की फ्लाइट की आपात लैंडिंग
मंगलवार सुबह दिल्ली से लेह जा रही एक यात्री उड़ान को भी तकनीकी कारणों से वापस लौटना पड़ा। उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विमान के एक इंजन में खराबी की सूचना मिली। पायलट ने एहतियात बरतते हुए विमान को दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया। विमान में लगभग 150 यात्री और क्रू सदस्य सवार थे। एयरलाइन के अनुसार सभी यात्री सुरक्षित हैं और कोई आग लगने जैसी स्थिति नहीं बनी।

हालिया अहमदाबाद विमान हादसा भी चर्चा में
विमान सुरक्षा को लेकर चल रही बहस के बीच अहमदाबाद में पिछले वर्ष हुआ विमान हादसा भी फिर चर्चा में है। उस घटना में लैंडिंग के दौरान विमान नियंत्रण से बाहर हो गया था, जिससे जानमाल का नुकसान हुआ था। जांच में मौसम, रनवे की स्थिति और तकनीकी पहलुओं की भूमिका की जांच की गई थी। उस हादसे के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने सुरक्षा ऑडिट और तकनीकी निरीक्षणों को और सख्त करने के निर्देश दिए थे।

क्या वाकई असुरक्षित हो रही है हवाई यात्रा?
विशेषज्ञों का कहना है कि सांख्यिकीय दृष्टि से हवाई यात्रा आज भी सड़क और रेल परिवहन की तुलना में अधिक सुरक्षित मानी जाती है। भारत में प्रतिदिन सैकड़ों उड़ानें संचालित होती हैं और अधिकांश सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुंचती हैं। हालांकि, कम समय में लगातार सामने आई घटनाएं यात्रियों के मन में असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं।
विमानन क्षेत्र के जानकारों के अनुसार, तेजी से बढ़ते हवाई यातायात, बदलते मौसम पैटर्न, तकनीकी जटिलताओं और परिचालन दबावों के बीच सुरक्षा मानकों की सतत समीक्षा आवश्यक है। नियमित मेंटेनेंस, पायलट प्रशिक्षण, एयर ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को और मजबूत करना समय की मांग है।
पारदर्शी जांच से ही लौटेगा भरोसा
लगातार हुई घटनाओं के बाद सबसे अहम प्रश्न यह है कि जांच कितनी पारदर्शी और समयबद्ध होती है। हर हादसे के पीछे के कारणों को स्पष्ट रूप से सामने लाना और जिम्मेदारी तय करना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल राहत की बात यह है कि हाल की कुछ घटनाओं में यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन एयर एंबुलेंस हादसे जैसी त्रासदी यह याद दिलाती है कि विमानन क्षेत्र में एक छोटी चूक भी कितनी बड़ी कीमत वसूल सकती है।




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